अंतराश- साझा काव्य संकलन
प्राक्कथन
“अंतराश” एक ऐसा काव्य-संकलन है, जो समकालीन संवेदनाओं, मानवीय अनुभूतियों और अंतर्मन के सूक्ष्म कंपन को शब्दों के माध्यम से साकार करने का एक गंभीर साहित्यिक उपक्रम है। यह कृति केवल कविताओं का संग्रह न होकर, विविध चेतनाओं, दृष्टियों और जीवनानुभवों का बहुआयामी समन्वय है, जिसमें प्रत्येक रचनाकार अपने अंतर्जगत की विशिष्ट व्याख्या प्रस्तुत करता है।
इस संकलन में संकलित रचनाएँ प्रेम, विरह, सामाजिक यथार्थ, अस्तित्व-बोध, आत्ममंथन तथा मानवीय मूल्यों की पुनर्स्थापना जैसे विषयों को अत्यंत मार्मिकता और विचार-गंभीरता के साथ अभिव्यक्त करती हैं। यहाँ शब्द केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि संवेदना के वाहक हैं, जो पाठक के भीतर एक गहन संवाद स्थापित करते हैं।
“अंतराश” का मूल भाव उस आंतरिक यात्रा में निहित है, जहाँ व्यक्ति स्वयं से साक्षात्कार करता है—जहाँ प्रश्नों की अनुगूंज है, और उत्तरों की खोज एक सतत प्रक्रिया के रूप में विद्यमान है। यह संकलन न केवल साहित्यिक अभिरुचि को परिष्कृत करता है, बल्कि पाठक को आत्मचिंतन और मानवीय संवेदनशीलता के गहन स्तरों तक ले जाने का प्रयास भी करता है।
यह कृति नवोदित एवं प्रतिष्ठित रचनाकारों के सृजनात्मक समागम का सशक्त उदाहरण है, जो साहित्यिक परंपरा को समृद्ध करने के साथ-साथ समकालीन समाज के बौद्धिक एवं भावनात्मक परिदृश्य को भी अभिव्यक्ति प्रदान करती है।
आशा है कि “अंतराश” पाठकों के अंतर्मन को स्पर्श करते हुए उन्हें विचार, संवेदना और आत्मबोध की नई दिशाओं की ओर प्रेरित करेगा।
— संपादक
कवि आदर्श मौर्य
-
Book Title:
अंतराश- साझा काव्य संकलन -
Author:
आदर्श मौर्य -
Language:
Hindi
Book Description
प्राक्कथन
“अंतराश” एक ऐसा काव्य-संकलन है, जो समकालीन संवेदनाओं, मानवीय अनुभूतियों और अंतर्मन के सूक्ष्म कंपन को शब्दों के माध्यम से साकार करने का एक गंभीर साहित्यिक उपक्रम है। यह कृति केवल कविताओं का संग्रह न होकर, विविध चेतनाओं, दृष्टियों और जीवनानुभवों का बहुआयामी समन्वय है, जिसमें प्रत्येक रचनाकार अपने अंतर्जगत की विशिष्ट व्याख्या प्रस्तुत करता है।
इस संकलन में संकलित रचनाएँ प्रेम, विरह, सामाजिक यथार्थ, अस्तित्व-बोध, आत्ममंथन तथा मानवीय मूल्यों की पुनर्स्थापना जैसे विषयों को अत्यंत मार्मिकता और विचार-गंभीरता के साथ अभिव्यक्त करती हैं। यहाँ शब्द केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि संवेदना के वाहक हैं, जो पाठक के भीतर एक गहन संवाद स्थापित करते हैं।
“अंतराश” का मूल भाव उस आंतरिक यात्रा में निहित है, जहाँ व्यक्ति स्वयं से साक्षात्कार करता है—जहाँ प्रश्नों की अनुगूंज है, और उत्तरों की खोज एक सतत प्रक्रिया के रूप में विद्यमान है। यह संकलन न केवल साहित्यिक अभिरुचि को परिष्कृत करता है, बल्कि पाठक को आत्मचिंतन और मानवीय संवेदनशीलता के गहन स्तरों तक ले जाने का प्रयास भी करता है।
यह कृति नवोदित एवं प्रतिष्ठित रचनाकारों के सृजनात्मक समागम का सशक्त उदाहरण है, जो साहित्यिक परंपरा को समृद्ध करने के साथ-साथ समकालीन समाज के बौद्धिक एवं भावनात्मक परिदृश्य को भी अभिव्यक्ति प्रदान करती है।
आशा है कि “अंतराश” पाठकों के अंतर्मन को स्पर्श करते हुए उन्हें विचार, संवेदना और आत्मबोध की नई दिशाओं की ओर प्रेरित करेगा।
— संपादक
कवि आदर्श मौर्य
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Book Title
अंतराश- साझा काव्य संकलन
-
Author
आदर्श मौर्य
-
Language
Hindi
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